CBSE का नया नियम, 10वीं बोर्ड में पास होने के लिए अब ये ज़रूरी, छात्रों को तुरंत चेक करना चाहिए

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अगले शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक के पाठ्यक्रम और परीक्षा नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। 

By Ashu Choudhary

Published on:

8:22 AM

CBSE Board Exam 2025-26: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने साल 2025-26 के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक का नया सिलेबस जारी कर दिया है। इस बार बोर्ड ने न सिर्फ पाठ्यक्रम में बदलाव किए हैं, बल्कि परीक्षा के नियमों, ग्रेडिंग सिस्टम और पास होने के तरीकों में भी नई बातें जोड़ी हैं। खास तौर पर कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए यह साल बड़ा बदलाव लेकर आया है, क्योंकि अब बोर्ड परीक्षा साल में दो बार होगी। अगर आप या आपके बच्चे इस साल बोर्ड की तैयारी कर रहे हैं, तो इन नए नियमों को समझना बेहद जरूरी है। 

साल में दो बार बोर्ड परीक्षा

सीबीएसई ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब से यह परीक्षा साल में दो बार आयोजित होगी। पहली फरवरी में और दूसरी अप्रैल में। इसका मतलब है कि छात्रों को अपनी तैयारी दिखाने के लिए दो मौके मिलेंगे। अगर पहली बार स्कोर अच्छा न हो या किसी वजह से परीक्षा छूट जाए, तो दूसरी बार मौका मिलेगा। यह बदलाव खास तौर पर उन छात्रों के लिए फायदेमंद है, जो एक बार के दबाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते। बोर्ड ने साफ किया है कि दूसरी परीक्षा वैकल्पिक होगी, यानी इसे देना जरूरी नहीं है। संभावित शेड्यूल जानने के लिए आप सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। 

पासिंग क्राइटेरिया में ढील, स्किल सब्जेक्ट बनेगा सहारा

पास होने के नियमों में भी इस बार कुछ राहत दी गई है। पहले अगर कोई छात्र मुख्य विषयों जैसे गणित, विज्ञान या सोशल साइंस में फेल हो जाता था, तो उसे सप्लीमेंट्री परीक्षा देनी पड़ती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नए नियम के तहत अगर कोई छात्र इनमें से किसी मुख्य विषय में कम अंक लाता है, लेकिन स्किल सब्जेक्ट या ऑप्शनल सब्जेक्ट में अच्छे नंबर लाता है, तो वह उस स्किल सब्जेक्ट को मुख्य विषय की जगह इस्तेमाल कर सकता है। 

यानी पास होने के लिए अब स्किल सब्जेक्ट भी आपका सहारा बन सकता है। हालांकि, पास होने के लिए हर विषय में थ्योरी और प्रैक्टिकल मिलाकर कम से कम 33% अंक लाना जरूरी होगा। 

9 प्वाइंट ग्रेडिंग सिस्टम

सीबीएसई ने कक्षा 10वीं के लिए ग्रेडिंग सिस्टम में भी बदलाव किया है। अब पुराने तरीके की जगह 9 प्वाइंट ग्रेडिंग सिस्टम लागू होगा। इसमें आपके नंबरों को ग्रेड में बदला जाएगा, जो आपकी परफॉर्मेंस को ज्यादा साफ तरीके से दिखाएगा। पहले जहां इम्प्रूवमेंट या सप्लीमेंट्री परीक्षा का ऑप्शन होता था, अब वह खत्म कर दिया गया है। अगर आपको लगता है कि पहली परीक्षा में आपने अच्छा नहीं किया, तो दूसरी परीक्षा में शामिल होकर अपने स्कोर को बेहतर कर सकते हैं। 

स्किल सब्जेक्ट और भाषा का नया नियम

इस बार बोर्ड ने कुछ नए नियम भी जोड़े हैं, जो छात्रों के लिए जरूरी हैं। अब कक्षा 10वीं के छात्रों को स्किल सब्जेक्ट के तौर पर कंप्यूटर से जुड़ा कोई एक विषय चुनना होगा। इसमें कंप्यूटर एप्लीकेशन, इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे ऑप्शन हैं।

यानी टेक्नोलॉजी से जुड़ी स्किल सीखना अब जरूरी होगा, जो भविष्य में उनके करियर के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अलावा, भाषा के मामले में भी नियम सख्त किया गया है। छात्रों को हिंदी या इंग्लिश में से किसी एक को चुनना होगा। दोनों को एक साथ पढ़ने का ऑप्शन अब नहीं रहेगा। 

Ashu Choudhary

मेरा नाम आशु चौधरी है और मैं पिछले 5 साल से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा हूं। इस समय में Janata Times 24 जैसे बड़े प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से सरकारी नौकरी और योजनाओं की लेटेस्ट जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने का काम कर रहा हूं।

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