केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए/डीआर) बढ़ने का इंतजार लंबा होता जा रहा है। पहले उम्मीद थी कि होली-रंगपंचमी के मौके पर सरकार इसकी घोषणा कर सकती है, लेकिन अभी तक कोई ऐलान नहीं हुआ है।
अब संभावना जताई जा रही है कि 26 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में डीए बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। इसके बाद वित्त मंत्रालय आधिकारिक आदेश जारी करेगा। हालांकि, अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। पिछले साल भी मार्च के अंत में डीए की दरों में बदलाव किया गया था।
कितना बढ़ सकता है डीए?
वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों को 53% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। अगली वृद्धि जनवरी 2025 से लागू होगी, जो AICPI इंडेक्स (जुलाई-दिसंबर 2024) के आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
जुलाई-दिसंबर 2024 के आंकड़ों के अनुसार, AICPI इंडेक्स 143.7 और डीए स्कोर 55.99% तक पहुंच चुका है। इस आधार पर अनुमान है कि डीए में 2 से 3% की बढ़ोतरी हो सकती है। नई दरें जनवरी 2025 से लागू होंगी, और कर्मचारियों को जनवरी-फरवरी 2025 का अतिरिक्त भुगतान (एरियर) भी मिलेगा।
साल में दो बार बढ़ता है डीए
केंद्र सरकार हर साल जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) की दरों में संशोधन करती है। यह बदलाव AICPI इंडेक्स के आधार पर तय होता है। डीए बढ़ोतरी की घोषणा आमतौर पर मार्च और अक्टूबर में की जाती है।
सैलरी पर कितना असर होगा?
अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, तो 2% डीए बढ़ने से उसकी सैलरी में 360 रुपये/माह की वृद्धि होगी। सालाना यह 4,320 रुपये का अतिरिक्त लाभ देगा। अगर किसी पेंशनर की बेसिक पेंशन 9,000 रुपये है, तो 2% बढ़ोतरी से 180 रुपये/माह मिलेंगे, जो साल में 2,160 रुपये का फायदा देगा। अगर किसी की सैलरी 1,00,000 रुपये है, तो 53% डीए के तहत उसे 53,000 रुपये मिलते हैं। अगर डीए 55% हो जाता है, तो यह रकम 55,000 रुपये हो जाएगी। अब सभी की निगाहें 26 मार्च को होने वाली कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं, जहां डीए बढ़ोतरी का फैसला हो सकता है।